नियमावली
Margdata Trust – पारस्परिक सहयोग का संकल्प
मार्गदाता ट्रस्ट नियमावली
“पारस्परिक सहयोग भावना से परस्पर सहयोग करें…”
यूँ अचानक किसी परिवार के कमाने वाले व्यक्ति का आकस्मिक निधन ...
यूँ अचानक किसी परिवार के कमाने वाले व्यक्ति का आकस्मिक निधन हो जाने से उसके परिजनों के सामने घोर आर्थिक संकट उत्पन्न हो जाता है, विशेषकर उन नौकरीपेशा व्यक्तियों के सामने जिनके पास वेतन के अतिरिक्त कोई अन्य आय का साधन उपलब्ध नहीं होता। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए ट्रस्ट पारस्परिक सहयोग भावना — "सबका सहयोग, सबके लिए सहयोग, सबके द्वारा सहयोग" — के आधार पर सदस्यों को प्रेरित कर सहयोग कराता है। इसमें सभी नागरिक एवं सभी विभागों में कार्य करने वाले सरकारी/अर्द्ध-सरकारी/संविदा/प्राइवेट नौकरीपेशा लोग, जिनकी उम्र 18 से 55 वर्ष तक हो, स्वेच्छा से सदस्य बन सकते हैं। स्वेच्छा से सभी नियम व शर्तों से सहमति के उपरांत वेबसाइट के माध्यम से रजिस्ट्रेशन करके जुड़ सकते हैं।
ट्रस्ट से जुड़ने हेतु किसी भी प्रकार का सदस्यता शुल्क नहीं लिया जाता है। सदस्यता पूरी तरह निशुल्क है। किसी भी व्यक्ति को बाध्य करके ट्रस्ट से नहीं जोड़ा जाता, बल्कि सभी अपनी स्वेच्छा से जुड़ते हैं।
मुख्य नियम (सदस्यों हेतु)
1. ट्रस्ट से जुड़ने हेतु आवश्यक सूचना संबंधी फॉर्म भरकर रजिस्ट्रेशन किया जाना अनिवार्य है। साथ ही, ट्रस्ट का व्हाट्सएप/टेलीग्राम पर आधिकारिक ग्रुप बनाया गया है जिसमें समय-समय पर सहयोग, नियम अथवा अन्य महत्वपूर्ण सूचनाएं प्रदान की जाती हैं। आवश्यकता पड़ने पर महत्वपूर्ण निर्णय लेने हेतु पोल या सुझाव भी ग्रुप में पोस्ट किए जाते हैं। इसलिए, प्रत्येक सदस्य को अनिवार्य रूप से सप्ताह में कम से कम दो बार ग्रुप देखना और सूचनाओं से अपडेट रहना आवश्यक है। यदि कोई सदस्य ग्रुप नहीं देखता और सूचना प्राप्त नहीं कर पाता तो इसकी जिम्मेदारी उसी की होगी। ट्रस्ट अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी सूचनाएं प्रसारित करने का प्रयास करता रहेगा।
2. अत्यावश्यक सूचनाओं की जानकारी प्रदान करने हेतु बल्क टेक्स्ट मैसेज सुविधा को प्रारंभ करने के लिए ट्रस्ट TRAI से अनुमति लेने का प्रयास करेगा।
नोट: मार्गदाता ट्रस्ट से जुड़ने के बाद यदि कोई सदस्य किसी अन्य समान विषयक संस्था से भी जुड़ता है तो उसे या उसके नॉमिनी को किसी प्रकार का सहयोग नहीं मिलेगा। यदि कोई तथ्य छुपाकर ऐसी किसी संस्था से जुड़ा रहता है तो उसकी सदस्यता स्वतः समाप्त मान ली जाएगी और सहयोग असंभव होगा।
सदस्य किसी अन्य ऐसे ट्रस्ट का हिस्सा बने बिना किसी का भी सहयोग करने के लिए स्वतंत्र हैं, किंतु लाभ एक ही मंच से लेना उचित है।
वैसे भी यह ट्रस्ट लाभ का मंच नहीं, बल्कि सहयोग का माध्यम है।
3. ट्रस्ट द्वारा सदस्यों की सुविधा हेतु हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाएगा, जिस पर कॉल अथवा व्हाट्सएप के माध्यम से सूचना दी या ली जा सकेगी।
4. नोट — ट्रस्ट का प्रथम दिवस से ही नियम है: "जो सहयोग करेगा, वही सहयोग प्राप्त करेगा।"
5. सदस्यों के सहयोग हेतु लॉकिंग पीरियड
5(A) मृत्यु की स्थिति में लॉकिंग पीरियड 90 दिन निर्धारित है। यदि कोई सदस्य 1 जुलाई को रजिस्ट्रेशन करता है और 28 सितंबर की रात 12 बजे से पहले उसकी मृत्यु हो जाती है, तो उसे सहयोग नहीं मिलेगा। यदि इस अवधि में उसने किसी अन्य सदस्य को सहयोग किया है तो उसका दावा भी अमान्य होगा।
5(B) यदि सदस्य की मृत्यु 91वें दिन के बाद होती है और इस बीच उसे किसी सहयोग का अवसर नहीं मिला तो उसके नॉमिनी को सहयोग प्रदान किया जाएगा।
5(C) गंभीर बीमारी की स्थिति में लॉकिंग पीरियड 1 वर्ष का होगा। यदि कोई सदस्य रजिस्ट्रेशन के समय या बाद में गंभीर बीमारी की जानकारी अपनी प्रोफाइल में अपडेट नहीं करता तो यह "तथ्यगोपन" माना जाएगा और सहयोग संभव नहीं होगा। गंभीर बीमारियों की सूची IMA द्वारा निर्धारित मानी जाएगी।
5(C-2) गंभीर बीमारी की जानकारी अपडेट न होने पर मृत्यु के कारण के आधार पर निर्णय लिया जाएगा। यदि मृत्यु बीमारी से हुई है तो उसे गंभीर बीमारी माना जाएगा, भले ही प्रोफाइल में प्रदर्शित न हो।
उदाहरण: यदि किसी की किडनी खराब है और वह ट्रस्ट से जुड़ता है तो लॉकिंग पीरियड 1 वर्ष होगा। यदि 6 माह बाद उसकी मृत्यु बीमारी से होती है तो उसे अवैधानिक माना जाएगा। यदि उसकी मृत्यु सड़क दुर्घटना से होती है, तो उसे वैधानिक माना जाएगा।
नोट: गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्ति की मृत्यु के मामले में यदि मृत्यु का कारण कुछ और दर्शाया जाता है तो पुख्ता प्रमाण देना आवश्यक होगा। ट्रस्ट संतोषजनक प्रमाण के आधार पर ही सहयोग की अपील स्वीकार करेगा।
उदाहरण: किसी को कैंसर है और इलाज चल रहा है, ऐसी स्थिति में यदि इलाज के दौरान हृदयाघात होता है तो यह गंभीर बीमारी के अंतर्गत माना जाएगा।
5(D) ट्रस्ट वैधानिकता की जांच और निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र होगा। कोई भी सदस्य कानूनी दावा नहीं कर सकता। संस्था केवल नैतिक रूप से सहयोग करवाने का प्रयास करेगी।
5(E) यदि किसी सदस्य के एक से अधिक नॉमिनी हैं तो ट्रस्ट अपने विवेक से उचित नॉमिनी को सहयोग सुनिश्चित करवाएगा। यदि कोई लाभार्थी मिथ्या आरोप या दुष्प्रचार करता है तो उसे प्राप्त राशि वापस करवाकर किसी अन्य दिवंगत परिवार को सहयोग दिया जा सकता है।
5(F) यदि सहयोग के दौरान किसी सदस्य द्वारा गलती से अधिक धनराशि नॉमिनी के खाते में चली जाती है तो प्रमाण के आधार पर नॉमिनी को धनराशि वापसी करनी होगी। ट्रस्ट केवल प्रयास करेगा, गारंटी नहीं देगा।
6. सहयोग प्राप्त करने हेतु सभी सहयोग करना अनिवार्य है। सदस्य बनने के बाद लॉक-इन पीरियड पूरा होने पर सभी सहयोग करना और उसके बाद वेबसाइट/गूगल फॉर्म भरते समय रसीद अपलोड करना आवश्यक है। बिना सहयोग किए या सहयोग करने के बाद गूगल फॉर्म न भरने की स्थिति में सदस्य सहयोग पाने का पात्र नहीं होगा, क्योंकि प्रमाण अनिवार्य है।
7. यदि कोई व्यक्ति सदस्य बनने के बाद सहयोग नहीं करता या बीच में किसी का सहयोग नहीं करता, तो वह वैधानिक सदस्य नहीं माना जाएगा। ऐसे सदस्य निम्नलिखित नियमों के अनुसार अपनी वैधानिकता पुनः सक्रिय कर सकेंगे:
7(A) यदि कोई सदस्य लगातार सहयोग करता आ रहा है, लेकिन 10 सहयोग से पहले कोई सहयोग ब्रेक होता है, तो उसकी वैधानिकता समाप्त हो जाएगी। वैधानिकता पुनः बहाल करने हेतु उसे लगातार 4 सहयोग करना होगा। 4 सहयोग पूरे होने तक वह सहायता पाने का अधिकारी नहीं होगा। यह अवसर केवल एक बार दिया जाएगा। ध्यान रहे—बीच में अधिकतम 2 सहयोग ही ब्रेक हुए हों।
7(B) जो सदस्य रजिस्ट्रेशन के बाद कभी सहयोग नहीं करते या बीच में 2 से अधिक सहयोग ब्रेक कर देते हैं, उन्हें वैधानिक बनने हेतु लगातार 5 सहयोग करना होगा। 5 सहयोग पूरे होने तक, यदि बीच में मृत्यु होती है, तो सहायता नहीं मिलेगी। ऐसे मामलों में 4 माह का लॉक-इन पीरियड भी लागू होगा।
8. यदि कोई सदस्य पूर्व में सभी सहयोग कर रहा था और वैधानिक था, किंतु “गतिमान सहयोग” (यानी सहायता अभियान) के दौरान सहयोग तिथि से पूर्व सहयोग न कर सका और उसी दौरान उसकी मृत्यु हो जाती है, तो उसे लाभ का पात्र माना जाएगा क्योंकि यह माना जाएगा कि जीवित होते तो वह सहयोग करता।
लेकिन यदि सहयोग अवधि समाप्त हो जाने के बाद मृत्यु होती है, तो गतिमान सहयोग की छूट का लाभ नहीं मिलेगा।
उदाहरण: यदि कोई सदस्य सहयोग शुरू होने से पहले या सहयोग अवधि में अस्पताल में भर्ती था और उसी दौरान उसकी मृत्यु हो गई, तो वह लाभ का पात्र होगा, बशर्ते सहयोग उसके लिए अनिवार्य था।
9. जो सदस्य सहयोग नहीं कर पाते, उन्हें हमेशा के लिए हटाने के बजाय एक अवसर दिया जाता है:
9(A) यदि कोई सदस्य वर्ष में एक बार सहयोग छोड़ता है, तो 3 माह का लॉक-इन पीरियड और बीच के सभी सहयोग पूरे करने होंगे।
9(B) यदि 1 वर्ष में 2 या अधिक बार सहयोग छोड़ता है, तो 6 माह लॉक-इन पीरियड और सभी सहयोग पूरे करने होंगे।
9(C) यदि कोई 6 माह या उससे अधिक समय तक लगातार सहयोग नहीं करता, तो उसे पुनः वैधानिक बनने के लिए 6 माह का लॉक-इन और सभी सहयोग पूरे करने होंगे।
9(D) किसी भी व्यस्तता, पारिवारिक कार्यक्रम, समारोह, विपरीत परिस्थितियों आदि में सहयोग छूट जाने पर दावा मान्य नहीं होगा। ऐसे मामलों में वैधानिकता बहाल करने हेतु क्रमिक सहयोग आवश्यक है।
10. कम से कम 10 सहयोग पूरे होने पर 90% सहयोग का नियम लागू होगा — यानी यदि सदस्य ने 10 में से 9 बार सहयोग किया है, तो 1 सहयोग छूटने पर भी उसकी सदस्यता न तो निलंबित होगी, न ही सहायता से वंचित होगा।
जैसे-जैसे सहयोग की संख्या 25, 50, 100 तक बढ़ती है — प्रतिशत को 80%–90% तक विचार किया जा सकता है। लेकिन 10 सहयोग से पहले यह नियम लागू नहीं होगा।
11. 90% सहयोग की व्याख्या:
यदि किसी लंबे समय से जुड़े सदस्य की मृत्यु होती है, और कुछ सहयोग के कारण वह अवैधानिक हो रहा है, तो मृत्यु की तिथि से पिछले 3 वर्षों के सहयोग का 90% पूरा होने पर उसे वैधानिक माना जाएगा।
11(A) सदस्य बनने के बाद 10 सहयोग पूरे करने पर — प्रत्येक वर्ष 1 सहयोग न करने की “एक छूट” दी जा सकेगी।
11(B) यदि वैधानिक सदस्य गतिमान सहयोग अवधि के दौरान सहयोग न कर सका और उसी समय मृत्यु हो जाती है, तो वह लाभ का अधिकारी होगा, क्योंकि माना जाएगा कि वह जीवित होता तो सहयोग करता।
लेकिन सहयोग अवधि समाप्त होने के बाद मृत्यु होने पर यह छूट मान्य नहीं होगी।
यह नियम केवल गंभीर दुर्घटना, बीमारी, अस्पताल में भर्ती या किसी ऐसी परिस्थिति में लागू होगा जो सदस्य के नियंत्रण से बाहर हो।
11(C) दान अनिवार्य नहीं, ऐच्छिक है। लेकिन प्रत्येक सदस्य को ₹50 वार्षिक “व्यवस्था सहयोग राशि” जमा करना अनिवार्य है।
12. सुसाइड, विवादित केस या ऐसे मामले जिन्हें जांच की आवश्यकता हो — ट्रस्ट वस्तुस्थिति की जांच करके निर्णय लेने हेतु स्वतंत्र होगा।
12(A) यदि दो या अधिक सदस्यों की मृत्यु एक ही दिन होती है — तो सहयोग उसी सदस्य को पहले दिया जाएगा जिसका सहयोग प्रतिशत अधिक होगा।
12(B) नॉमिनी संबंधी विवाद में ट्रस्ट जांच के बाद निर्णय लेने हेतु स्वतंत्र होगा।
12(C) अनुशासनहीनता, ट्रस्ट विरोधी गतिविधि, दुष्प्रचार या साजिश करने वालों पर ट्रस्ट कार्रवाई करने का अधिकार रखता है।
12(D) व्हाट्सएप/टेलीग्राम ग्रुप में दी गई सूचनाएं सभी सदस्यों हेतु मान्य होंगी। यदि कोई सदस्य ग्रुप नहीं देखता तो वह स्वयं उत्तरदायी होगा।
12(E) सदस्य हेल्पलाइन के माध्यम से अपने प्रश्न पूछ सकते हैं।
12(F) समय और आवश्यकता के अनुसार ट्रस्ट किसी भी नियम में परिवर्तन का अधिकार रखता है।
12(G) सहायता राशि सीधे नॉमिनी के खाते में भेजी जाती है। इसलिए किसी भी प्रकार की न्यायिक कानूनी चुनौती देने का अधिकार किसी सदस्य को नहीं है।
13. ट्रस्ट किसी भी व्यक्ति को जबरन सदस्य नहीं बनाता। सभी सदस्य अपनी स्वेच्छा से नियम स्वीकार कर जुड़ते हैं। कोई भी सदस्य कभी भी स्वयं को ट्रस्ट से अलग कर सकता है।
14. सदस्यता शुल्क शून्य है — रजिस्ट्रेशन निशुल्क है। लेकिन सहायता प्राप्त करने हेतु व्यवस्था शुल्क जमा करना अनिवार्य है।
15. यदि कोई सदस्य सहयोग के दौरान फर्जी/कूटरचित रसीद या गलत जानकारी देता है, तो उसकी वैधानिकता समाप्त की जा सकती है और सहायता भी रोक दी जाएगी।
16. दान अनिवार्य नहीं है — यह पूर्णतः ऐच्छिक है। जो सदस्य चाहें, वे ट्रस्ट के खाते में ₹50 वार्षिक “व्यवस्था सहयोग राशि” जमा कर सकते हैं। इसके माध्यम से ट्रस्ट निम्नलिखित सुविधाएँ और सेवाएँ प्रदान करने का प्रयास करेगा:
17. जिन सदस्यों ने व्यवस्था सहयोग राशि जमा की है, यदि किसी दुर्घटना में उनका इलाज होता है और अस्पताल का बिल ₹1,00,000 या उससे अधिक होता है, तो ट्रस्ट उनकी सहायता करने का प्रयास करेगा — ₹25,000 से ₹50,000 तक (ट्रस्ट की सदस्य संख्या 2 लाख या अधिक होने पर)।
यह सुविधा निम्नलिखित नियमों व शर्तों के अधीन होगी:
नोट–3: दुर्घटना में इलाज हेतु 30 दिन का लॉकिंग पीरियड होगा। अर्थात सहायता राशि जमा करने के 30 दिन बाद होने वाली दुर्घटना पर ही मदद प्रदान की जाएगी। साथ ही यह लाभ अतिरिक्त सुविधा के रूप में है, यह अधिकार नहीं है।
महत्वपूर्ण: “दुर्घटना” का अर्थ विशेष रूप से *सड़क दुर्घटना* से समझा जाएगा।
1. यह सुविधा केवल उन सदस्यों को मिलेगी जिन्होंने व्यवस्था सहयोग राशि जमा की है। यह लाभ सदस्य द्वारा राशि जमा करने के 1 वर्ष तक वैध रहेगा। इसके बाद अगले वर्ष पुनः राशि जमा करनी होगी।
2. यह सुविधा केवल उन्हीं के लिए होगी जिन्होंने व्यवस्था सहयोग राशि दी है।
3. कुल व्यवस्था सहयोग राशि का 25% हिस्सा इस सुविधा हेतु उपयोग किया जाएगा।
4. यह सुविधा उस स्थिति में नहीं दी जाएगी जहाँ इलाज का खर्च ₹1,00,000 से अधिक हो।
5. यह राशि तुरंत नहीं दी जाएगी — स्थलीय निरीक्षण व सत्यापन के बाद ही ट्रस्ट द्वारा प्रदान की जाएगी। कैशलेस सुविधा या अस्पताल में भर्ती के दौरान तुरंत भुगतान आवश्यक नहीं है। ट्रस्ट स्थिति अनुसार निर्णय लेगा।
6. ट्रस्ट प्रयास करेगा कि राशि सीधे अस्पताल के खाते में दी जाए। यदि संभव न हो तो परिस्थिति के अनुसार नॉमिनी या सदस्य को दी जा सकती है।
7. यह सुविधा केवल दुर्घटना के मामलों में लागू है — बीमारी के इलाज पर यह लाभ उपलब्ध नहीं है (भविष्य में बीमारी को कवर करने का प्रयास ट्रस्ट करेगा)।
8. यदि दुर्घटना के इलाज में हुए खर्च की भरपाई सदस्य को किसी इंश्योरेंस कंपनी से मिल गई है, तो ट्रस्ट अपेक्षा करता है कि वह सहायता हेतु आवेदन न करे ताकि यह राशि अन्य ज़रूरतमंद सदस्यों के काम आ सके।
फिर भी यदि आवेदन किया जाता है तो अधिकतम ₹20,000 की ही सहायता दी जा सकेगी।
नोट: दुर्घटना बीमा एक *अधिकार* नहीं है, बल्कि *ट्रस्ट का सहयोग* है, जो ट्रस्ट के पास उपलब्ध धन और सदस्य संख्या पर निर्भर करेगा।
ट्रस्ट व्यवस्था सहयोग राशि का उपयोग निम्नलिखित कार्यों में करेगा:
1. वेबसाइट के निर्माण, प्रबंधन और संचालन में।
2. मोबाइल ऐप निर्माण एवं संचालन में।
3. SMS सुविधा उपलब्ध कराने हेतु (TRAI अनुमति के बाद)।
4. ऑफिस व टेक्निकल सपोर्ट टीम रखने में।
5. स्थलीय निरीक्षण (Field Verification) में।
6. ट्रस्ट के सदस्यता अभियान और विस्तार गतिविधियों में।
7. समय-समय पर नई तकनीक के उपयोग द्वारा पारदर्शिता बढ़ाने में।
8. ब्लड कलेक्शन चार्ज में।
9. महामारी या प्राकृतिक आपदा के समय भोजन/राहत सामग्री वितरण में।
10. सर्दियों में कंबल/गर्म वस्त्र वितरण में।
11. गर्मी में प्यायू/शीतल जल सेवा उपलब्ध कराने में।
12. ट्रस्ट के उद्देश्यों की पूर्ति हेतु अन्य सामाजिक कार्यों में।
नोट: आवश्यकता अनुसार ट्रस्ट भविष्य में नियमों में संशोधन कर सकता है। किसी भी विवादास्पद स्थिति में अंतिम निर्णय का अधिकार ट्रस्ट के पास सुरक्षित रहेगा।
नोट-1: सदस्य द्वारा दिया गया सहयोग सीधे मृतक सदस्य के नॉमिनी को भेजा जाता है। इसलिए सहयोग देने के बाद किसी कानूनी दावा/अधिकार की मान्यता नहीं होगी। यह पूरी तरह सदस्यों की स्वेच्छा पर आधारित है। यदि कोई सदस्य पात्रता पूरी किए बिना सहयोग करता है, तो वह सहायता का दावेदार नहीं बन सकता।
नोट-2: वैधानिक सदस्य की मृत्यु होने पर नॉमिनी के खाते में सहयोग राशि भेजकर उसका ट्रांजैक्शन स्क्रीनशॉट वेबसाइट पर अपलोड करना अनिवार्य है। नियम और अनुशासन सर्वोपरि हैं।
नोट-3: जो सदस्य स्वेच्छा से रक्तदान करते हैं, उन्हें आवश्यकता पड़ने पर रक्त उपलब्ध कराया जाएगा। ब्लड कलेक्शन चार्ज का खर्च ट्रस्ट वहन करेगा।
भविष्य की योजनाएँ: ट्रस्ट में 3 लाख सदस्य हो जाने के बाद गंभीर बीमारी या दुर्घटना में घायल वैधानिक सदस्य के इलाज हेतु ₹5,00,000 से ₹10,00,000 तक की सहायता देने की योजना लागू की जाएगी।
रक्तदान करने वाले सदस्यों को आवश्यकता पड़ने पर रक्त उपलब्ध कराने की व्यवस्था ट्रस्ट करेगा।
अंतिम नियम: किसी भी निर्णय की स्थिति में वेबसाइट पर अपलोड की गई *नियमावली की प्रति ही अंतिम और मान्य* मानी जाएगी।